फिर कभी लौट कर न आएँगे

fir kabhi laut kar na aayenge

फिर कभी लौट कर न आएँगे हम तेरा शहर छोड़ जाएँगे, दूर उफ़्तादा बस्तियों में कहीं तेरी यादों

अब तेरी ज़रूरत भी बहुत कम है मेरी जाँ

ab teri zarurat bhi bahut kam hai

अब तेरी ज़रूरत भी बहुत कम है मेरी जाँ अब शौक़ का कुछ और ही आलम है मेरी

दिल ए पुर शौक़ को पहलू में दबाए रखा

dil e pur shauk ko pahlu me dabaye rakha

दिल ए पुर शौक़ को पहलू में दबाए रखा तुझ से भी हम ने तेरा प्यार छुपाए रखा,

उस ने जब मेरी तरफ प्यार से देखा होगा

us ne jab meri taraf pyar se dekh hoga

उस ने जब मेरी तरफ प्यार से देखा होगा मेरे बारे में बड़े गौर से सोचा होगा, सुबह

समन्दर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं

samndar me utarta hoon to aankhen bhig jaati hain

समन्दर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती

मैं खुश नसीबी हूँ तेरी मुझे भी रास है तू

main khush naisbi hoon teri mujhe bhi raas hai tu

मैं खुश नसीबी हूँ तेरी मुझे भी रास है तू तेरा लिबास हूँ मैं और मेरा लिबास है

बटे रहोगे तो अपना यूँही बहेगा लहू

bate rahoge to apna yunhi bahega lahoo

बटे रहोगे तो अपना यूँही बहेगा लहू हुए न एक तो मंज़िल न बन सकेगा लहू, हो किस

कभी तो मेहरबाँ हो कर बुला लें

kabhi to meharbaan ho kar bula le

कभी तो मेहरबाँ हो कर बुला लें ये महवश हम फ़क़ीरों की दुआ लें, न जाने फिर ये

ख़ूब आज़ादी ए सहाफ़त है

khoob aazadi e sahafat hai

ख़ूब आज़ादी ए सहाफ़त है नज़्म लिखने पे भी क़यामत है, दावा जम्हूरियत का है हर आन ये

झूटी ख़बरें घड़ने वाले झूटे शेर सुनाने वाले

jhuthi khabaren ghadne wale jhuthe sher sunane wale

झूटी ख़बरें घड़ने वाले झूटे शेर सुनाने वाले लोगो सब्र कि अपने किए की जल्द सज़ा हैं पाने