वो मेरे घर नहीं आता मैं उसके घर नहीं जाता

wo mere ghar nahi aata main uske ghar nahi

वो मेरे घर नहीं आता मैं उसके घर नहीं जाता मगर इन एहतियातों से ताअल्लुक़ मर नहीं जाता,

जब लहजे बदल जाएँ तो वज़ाहतें कैसी ?

jab lahje badal jaayen to

जब लहजे बदल जाएँ तो वज़ाहतें कैसी ? नई मयस्सर हो जाएँ तो पुरानी चाहतें कैसी ? वस्ल

सोच के ख़ुद ही बताएं ये बताने वाले

soch ke khud hi bataye ye

सोच के ख़ुद ही बताएं ये बताने वाले तूने सीखे हैं जो अंदाज़ ज़माने वाले, आधे रस्ते से

दिल ए बेताब की मुझको हिमायत अब नहीं करनी

dil e betab ki mujhko

दिल ए बेताब की मुझको हिमायत अब नहीं करनी मुझे आज़ाद रहना हैं मुहब्बत अब नहीं करनी, गिला

कैसे होता है मुमकिन ये गवारा करना

kaise hota hai mumkin ye ganvara karna

कैसे होता है मुमकिन ये गवारा करना दिल में बसे हुए लोगो से किनारा करना, कुछ मुहब्बत के

मगरूर परिंदों को ये ऐलान गया है

magrur parindon ko ye aelaan

मगरूर परिंदों को ये ऐलान गया है सय्याद नशेमन का पता जान गया है, यानि जिसे दीमक लगी

सब की कहानी एक तरफ़ है…

sabki kahani ek taraf hai

सबकी कहानी एक तरफ़ है मेरा क़िस्सा एक तरफ़ एक तरफ़ सैराब हैं सारे और मैं प्यासा एक

ख़ाली हाथ ही जाना है क्या खोना क्या पाना है

khaali hath hi jaana hai

ख़ाली हाथ ही जाना है क्या खोना क्या पाना है चाहे जितने नाते जोड़ें एक दिन टूट ही

ज़िन्दगी भर अज़ाब सहने को

zindagi bhar azaab sahne ko

ज़िन्दगी भर अज़ाब सहने को दिल मिला है उदास रहने को, एक चुप के हज़ारहा मफ़हूम और क्या

अदाएँ हश्र जगाएँ वो इतना दिलकश है

adayen hashr jagayen wo

अदाएँ हश्र जगाएँ वो इतना दिलकश है ख्याल हर्फ़ न पाएँ वो इतना दिलकश है, बहिश्ती गूंचों से