आए क्या क्या याद नज़र जब पड़ती इन दालानों पर

aaye kya kya yaad

आए क्या क्या याद नज़र जब पड़ती इन दालानों पर उस का काग़ज़ चिपका देना घर के रौशनदानों

तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो

tum pe kya beet

तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो मैं कोई ग़ैर नहीं हूँ कि छुपाओ यारो, इन

हौसला खो न दिया तेरी नहीं से हम ने

hausla kho na diya

हौसला खो न दिया तेरी नहीं से हम ने कितनी शिकनों को चुना तेरी जबीं से हम ने,

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे

har ek rooh me

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे ये ज़िंदगी तो कोई बददुआ लगे है मुझे,

दिल को हर लम्हा बचाते रहे जज़्बात से हम

dil ko har lamha

दिल को हर लम्हा बचाते रहे जज़्बात से हम इतने मजबूर रहे हैं कभी हालात से हम, नशा

ऐ दर्द ए इश्क़ तुझ से मुकरने लगा हूँ मैं

ae dard e ishq

ऐ दर्द ए इश्क़ तुझ से मुकरने लगा हूँ मैं मुझ को संभाल हद से गुज़रने लगा हूँ

अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए

achcha hai un se

अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए अपनी नज़र में आप को रुस्वा किया न जाए,

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो

aahat see koi aaye

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से

log kahte hai ki

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी

sau chaand bhi chamkenge

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी तुम आए तो इस रात की औक़ात बनेगी, उनसे यही