बेवफ़ा से भी प्यार होता है
बेवफ़ा से भी प्यार होता है यार कुछ भी हो यार होता है, साथ उस के जो है
Sad Poetry
बेवफ़ा से भी प्यार होता है यार कुछ भी हो यार होता है, साथ उस के जो है
दस्तूर मोहब्बत का सिखाया नहीं जाता ये ऐसा सबक़ है जो पढ़ाया नहीं जाता, कमसिन हैं वो ऐसे
मौत की सुन के ख़बर प्यार जताने आए रूठे दुनिया से जो हम यार मनाने आए, अच्छे दिन
ये कह के आग वो दिल में लगाए जाते हैं चराग़ ख़ुद नहीं जलते जलाए जाते हैं, अब
मुझे मालूम है मैं सारी दुनिया की अमानत हूँ मगर वो लम्हा जब मैं सिर्फ़ अपना हो सा
तमाम उम्र अज़ाबों का सिलसिला तो रहा ये कम नहीं हमें जीने का हौसला तो रहा, गुज़र ही
सुब्ह के दर्द को रातों की जलन को भूलें किस के घर जाएँ कि इस वादा शिकन को
बेकसी हद से जब गुज़र जाए कोई ऐ दिल जिए की मर जाए, ज़िंदगी से कहो दुल्हन बन
दीदा ओ दिल में कोई हुस्न बिखरता ही रहा लाख पर्दों में छुपा कोई सँवरता ही रहा, रौशनी
लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम लाश ये किस की लिए फिरते हैं इन हाथों पे