इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं

in aankhon ki masti ke mastane hazaron hain

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं इन आँखों से वाबस्ता अफ़्साने हज़ारों हैं, एक तुम ही

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में

khushboo jaise log mile afsane me

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में एक पुराना ख़त खोला अनजाने में, शाम के साए बालिश्तों से नापे

ज़ुल्फ़ ओ रुख़ के साए में ज़िंदगी गुज़ारी है

zulf o rukh ke saaye me zindagi guzari hai

ज़ुल्फ़ ओ रुख़ के साए में ज़िंदगी गुज़ारी है धूप भी हमारी है छाँव भी हमारी है, ग़म

आँख भर आई किसी से जो मुलाक़ात हुई

aankh bhar aayi kisi se jo mulaqaat hui

आँख भर आई किसी से जो मुलाक़ात हुई ख़ुश्क मौसम था मगर टूट के बरसात हुई, दिन भी

ताक़तें तुम्हारी हैं और ख़ुदा हमारा है

taaqate tumhari aur khuda humara hai

ताक़तें तुम्हारी हैं और ख़ुदा हमारा है अक्स पर न इतराओ आईना हमारा है, आप की ग़ुलामी का

गर्दिश ए साग़र सुबू के दरमियाँ

gardish e sagar subu ke darmiyan

गर्दिश ए साग़र सुबू के दरमियाँ ज़िंदगी है हाओ हू के दरमियाँ, ज़ख़्म और पोशाक भी रखे गए

ये क्या रुत है अब की रुत में देखें ज़र्द गुलाब

ye kya rut hai ab kee rut me dekhe zard gulab

ये क्या रुत है अब की रुत में देखें ज़र्द गुलाब चेहरे सूखे फूल ख़िज़ाँ के आँखें ज़र्द

हिज्र के मौसम ए तन्हाई के दुख देखे

hizr ke mausam e tanhai ke dukh dekhe

हिज्र के मौसम ए तन्हाई के दुख देखे एक चेहरे के पीछे कितने दुख देखे, एक सन्नाटा पहरों

रात दरपेश थी मुसाफ़िर को

raat darpesh thi musafir ko

रात दरपेश थी मुसाफ़िर को नींद क्यों आ गई मुसाफ़िर को ? क्या नगर है ये दिल दिखाई

ख़याल ओ ख़्वाब में होना सदा ए बाद में रहना

khyal o khwab me hona sada e baad me rahna

ख़याल ओ ख़्वाब में होना सदा ए बाद में रहना किसी की आस में जीना किसी की याद