मेरे पीछे ये तो मुहाल है कि ज़माना गर्म ए सफ़र न हो

mere pichhe ye to muhaal hai ki zamana garm e safar na ho

मेरे पीछे ये तो मुहाल है कि ज़माना गर्म ए सफ़र न हो कि नहीं मेरा कोई नक़्श

दस्त ए पुर ख़ूँ को कफ़ ए दस्त ए निगाराँ समझे

dast e pur khoon ko kaf e dast e nigaaraan samjhe

दस्त ए पुर ख़ूँ को कफ़ ए दस्त ए निगाराँ समझे क़त्ल गह थी जिसे हम महफ़िल ए

मुझ से कहा जिब्रील ए जुनूँ ने ये भी वहइ ए इलाही है

mujh se kaha zibreel e junoon ne ye bhi vahee e ilaahi hai

मुझ से कहा जिब्रील ए जुनूँ ने ये भी वहइ ए इलाही है मज़हब तो बस मज़हब ए

ब नाम ए कूचा ए दिलदार गुल बरसे कि संग आए

ba naam e koocha e dildar gul barse ki sang aaye

ब नाम ए कूचा ए दिलदार गुल बरसे कि संग आए हँसा है चाक ए पैराहन न क्यूँ

जल्वा ए गुल का सबब दीदा ए तर है कि नहीं

jalwa e gul ka sabab deedaa e tar hai ki nahi

जल्वा ए गुल का सबब दीदा ए तर है कि नहीं मेरी आहों से बहाराँ की सहर है

अदा ए तूल ए सुख़न क्या वो इख़्तियार करे

adaa e tool e sukhan kya wo ikhtiyaar kare

अदा ए तूल ए सुख़न क्या वो इख़्तियार करे जो अर्ज़ ए हाल ब तर्ज़ ए निगाह ए

वो तो गया ये दीदा ए ख़ूँ बार देखिए

wo to gaya ye deeda e khoon baar dekhiye

वो तो गया ये दीदा ए ख़ूँ बार देखिए दामन पे रंग ए पैरहन ए यार देखिए, दिखला

डरा के मौज ओ तलातुम से हम नशीनों को

dara ke mauj o talatum se hum nasheeno

डरा के मौज ओ तलातुम से हम नशीनों को यही तो हैं जो डुबोया किए सफ़ीनों को, जमाल

सब्ज़ हिकायत सुर्ख़ कहानी

sabz hiqayat surkh kahani

सब्ज़ हिकायत सुर्ख़ कहानी तेरे आँचल की मेहमानी, सहज सहज उस हुस्न का चलना उस पे अंधी शब

कहानियों ने ज़रा खींच कर बदन अपने

kahaniyon ne zara kheench kar badan apne

कहानियों ने ज़रा खींच कर बदन अपने हरम सरा से बुलाया हमें वतन अपने, खुले गले की क़मीसें