जो कल हैरान थे उन को परेशाँ कर के छोड़ूँगा

jo kal hairaan the un ko pareshan kar ke

जो कल हैरान थे उन को परेशाँ कर के छोड़ूँगा मैं अब आईना ए हस्ती को हैराँ कर

मैं वो दरख़्त हूँ खाता है जो भी फल मेरे

main wo darakht hoon jo bhi fal mere

मैं वो दरख़्त हूँ खाता है जो भी फल मेरे ज़रूर मुझ से ये कहता है साथ चल

पेश जो आया सर ए साहिल ए शब बतलाया

pesh aaya sar e sahil e shab batlaya

पेश जो आया सर ए साहिल ए शब बतलाया मौज ए ग़म को भी मगर मौज ए तरब

हर नई शाम सुहानी तो नहीं होती है

har nayi shaam suhani to nahi hoti

हर नई शाम सुहानी तो नहीं होती है और हर उम्र जवानी तो नहीं होती है, तुम ने

किसी की क़ैद से आज़ाद हो के रह गए हैं

kisi ki qaid se aazad ho ke rah gaye hai

किसी की क़ैद से आज़ाद हो के रह गए हैं तबाह हो गए बर्बाद हो के रह गए

सुनी है चाप बहुत वक़्त के गुज़रने की

suni hai chaap bahut waqt ke gujrne kee

सुनी है चाप बहुत वक़्त के गुज़रने की मगर ये ज़ख़्म कि हसरत है जिस के भरने की,

घूम फिर कर इसी कूचे की तरफ़ आएँगे

ghoom fir kar isi kooche kee taraf

घूम फिर कर इसी कूचे की तरफ़ आएँगे दिल से निकले भी अगर हम तो कहाँ जाएँगे ?

किसी के हिज्र में जीना मुहाल हो गया है

kisi ke hizr me jina muhal ho gaya

किसी के हिज्र में जीना मुहाल हो गया है किसे बताएँ हमारा जो हाल हो गया है ?

फ़ाएदा क्या है हमें और ख़सारा क्या है

fayada kya hai hame aur khasaara kya hai

फ़ाएदा क्या है हमें और ख़सारा क्या है जो भी है आप का सब कुछ है हमारा क्या

निकल पड़े हैं सनम रात के शिवाले से

nikal pade hain sanam raat ke

निकल पड़े हैं सनम रात के शिवाले से कुछ आज शहर ए ग़रीबाँ में हैं उजाले से, चलो