बात बच्चों की थी लड़ने को सियाने निकले

baat bachcho kee thi ladne ko siyaane nikale

बात बच्चों की थी लड़ने को सियाने निकले फिर अजब क्या है कि बच्चे भी लड़ाके निकले, ध्यान

उल्फ़तों का ख़ुदा नहीं हूँ मैं

ulfaton ka khuda nahi hoon main

उल्फ़तों का ख़ुदा नहीं हूँ मैं रंज ओ ग़म से जुदा नहीं हूँ मैं, एक अर्सा हुआ गए

दर्द से दिल ने वास्ता रखा

dard se dil ne vaasta rakha

दर्द से दिल ने वास्ता रखा वक़्त बदलेगा हौसला रखा, रो दिए मेरे हाल पे पंछी चुगने जब

दिल में है क्या अज़ाब कहे तो पता चले

dil me hai kya azaab kahe to pata chale

दिल में है क्या अज़ाब कहे तो पता चले दीवार ख़ामोशी की ढहे तो पता चले, सब कुछ

क्या है ऊँचाई मोहब्बत की बताते जाओ

kya hai unchaaee mohabbat kee batate jaao

क्या है ऊँचाई मोहब्बत की बताते जाओ पंछियों उड़ के यूँ ही ख़्वाब दिखाते जाओ, पेड़ पत्थर का

काश मैं तुझ सा बेवफ़ा होता

kaash main tujh saa bewafa hota

काश मैं तुझ सा बेवफ़ा होता फिर मुझे तुझ से क्या गिला होता ? इश्क़ होता है क्या

इस जादा ए उश्शाक़ की तक़दीर अजब है

is jaada e ushshaaq kee taqdeer azab hai

इस जादा ए उश्शाक़ की तक़दीर अजब है मुट्ठी में जहाँ पाँव में ज़ंजीर अजब है, बे वक़अत

गले से देर तलक लग के रोएँ अब्र ओ सहाब

gale se der talak lag ke royen abr o sahaab

गले से देर तलक लग के रोएँ अब्र ओ सहाब हटा दिए हैं ज़मान ओ मकाँ के हम

दस्त ए मुनइम मेरी मेहनत का ख़रीदार सही

dast e munaeem meri mehnat ka kharidar sahi

दस्त ए मुनइम मेरी मेहनत का ख़रीदार सही कोई दिन और मैं रुस्वा सर ए बाज़ार सही, फिर

सिखाएँ दस्त ए तलब को अदा ए बेबाकी

sikhaayen dast e talab ko adaa e babakee

सिखाएँ दस्त ए तलब को अदा ए बेबाकी पयाम ए ज़ेर लबी को सला ए आम करें, ग़ुलाम