उसने कहा कि मुझसे तुम्हें कितना प्यार है ?
उसने कहा कि मुझसे तुम्हें कितना प्यार है ? मैंने कहा सितारों का भी कोई शुमार है, उसने
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उसने कहा कि मुझसे तुम्हें कितना प्यार है ? मैंने कहा सितारों का भी कोई शुमार है, उसने
तुम सोज़ ए तमन्ना क्या जानों तुम दर्द ए मुहब्बत क्या समझों ? तुम दिल का तड़पना क्या
वो मेरे घर नहीं आता मैं उसके घर नहीं जाता मगर इन एहतियातों से ताअल्लुक़ मर नहीं जाता,
जब लहजे बदल जाएँ तो वज़ाहतें कैसी ? नई मयस्सर हो जाएँ तो पुरानी चाहतें कैसी ? वस्ल
सोच के ख़ुद ही बताएं ये बताने वाले तूने सीखे हैं जो अंदाज़ ज़माने वाले, आधे रस्ते से
दिल ए बेताब की मुझको हिमायत अब नहीं करनी मुझे आज़ाद रहना हैं मुहब्बत अब नहीं करनी, गिला
कैसे होता है मुमकिन ये गवारा करना दिल में बसे हुए लोगो से किनारा करना, कुछ मुहब्बत के
मगरूर परिंदों को ये ऐलान गया है सय्याद नशेमन का पता जान गया है, यानि जिसे दीमक लगी
सबकी कहानी एक तरफ़ है मेरा क़िस्सा एक तरफ़ एक तरफ़ सैराब हैं सारे और मैं प्यासा एक
ख़ाली हाथ ही जाना है क्या खोना क्या पाना है चाहे जितने नाते जोड़ें एक दिन टूट ही