गली गली आबाद थी जिन से कहाँ गए वो लोग

gali gali aabaad thi jin se kahan gaye wo log

गली गली आबाद थी जिन से कहाँ गए वो लोग दिल्ली अब के ऐसी उजड़ी घर घर फैला

भला कब मैं निशाने पर नहीं आया

bhalaa kab main nishaane par nahi aaya

भला कब मैं निशाने पर नहीं आया मेरे हाथों में पर पत्थर नहीं आया, मैं तौबा दोस्ती से

बहुत पेपर पे छपने हैं तो ठप्पा काट लेते हैं

bahut paper pe chhapne hai to thappa kaat lete hain

बहुत पेपर पे छपने हैं तो ठप्पा काट लेते हैं पिता जी मर गए हैं तो अँगूठा काट

बे सबब ही इधर उधर जाता

be sabab hee idhar udhar jaata

बे सबब ही इधर उधर जाता तुम नहीं होते तो बिखर जाता, फूल की तरह तुम अगर खिलते

ख़ुदा के घर सड़क कोई नहीं जाती

khuda ke ghar sadak koi nahi jaati

ख़ुदा के घर सड़क कोई नहीं जाती चलो पैदल वहाँ लॉरी नहीं जाती, चली जाती है हँसने और

सब पुराने ख़याल बदलो यार

sab puraane khyaal badlo yaar

सब पुराने ख़याल बदलो यार वक़्त बदला है साल बदलो यार, मात हर बार थोड़ी खाऊँगा वक़्त के

कोशिशें कर लो मैं बादल नहीं होने वाला

koshishe kar lo main badal nahi hone wala

कोशिशें कर लो मैं बादल नहीं होने वाला बरसों बे वज्ह यूँ पागल नहीं होने वाला, शर्त ये

ख़ुद को बीमार मत किया कर यार

khud ko bimar mat kiya kar yaar

ख़ुद को बीमार मत किया कर यार डूब कर प्यार मत किया कर यार, जब मदद चाहे कोई

इश्क़ से दिल को ऊबा देखा

ishq se dil ko ubaa dekha

इश्क़ से दिल को ऊबा देखा जिस्म का जब से सौदा देखा, भूका हम ने राजा देखा सागर

शजर जिस पे मैं रहता हूँ उसे काटा नहीं करता

shajar jis pe main rahta hoon use kaata nahi karta

शजर जिस पे मैं रहता हूँ उसे काटा नहीं करता मैं आतिश मुल्क से सपने में भी धोका