बज़्म ए शायरी 

Bazm e Shayari

हिंदी और उर्दू के मशहूर शायरों के चुनिंदा अश'आर 

Selected poems of famous Hindi and Urdu poets

इस बुलंदी पर कहाँ थे पहले अब जो बादल है धुआँ थे पहले, नक्श मिटते है तो आता है ख्याल रेत पर हम भी कहाँ थे पहले, आज शहरों में है जितने ख़तरे जंगलो में भी कहाँ थे पहले, लोग यूँ कहते है अपने किस्से जैसे वो शाहजहाँ थे पहले, टूट कर हम भी मिला करते थे बेवफ़ा तुम भी कहाँ थे पहले..!!

कुछ रिश्ते उम्र भर अगर बेनाम रहे तो अच्छा है आँखों आँखों में ही कुछ पैगाम रहे तो अच्छा है, सुना है मंज़िल मिलते ही उसकी चाहत मर जाती है अगर ये सच है तो फिर हम नाकाम रहे तो अच्छा है, जब मेरा हमदम ही मेरे दिल को न पहचान सका फिर ऐसी दुनियाँ में हम गुमानम रहे तो अच्छा है..!!

ढो रहे है बोझ हम तहज़ीब का गर्म जोशी अब कहाँ है आदाब में ? कौन करता है रौशनी की कद्र अब ? यहाँ ढूँढते है दाग़ सब माहताब में, सिर्फ़ इतना सा है अफ़साना अपना ये ज़िन्दगी हमने गुज़ार दी है ख़्वाब में..!!

यूँ तो कहने को सारा जहाँ हमारा है मगर कहीं घर बार नज़र नहीं आता, है लोगो का हुज़ूम भरी महफ़िल में मगर कहीं कोई यार नज़र नहीं आता..!!

उसकी तस्वीर मैं कागज़ पे बना न सका उसने मेहँदी से हथेली पे उतारा है मुझे, गैर के हाथ से मरहम भी मुझे मंज़ूर नहीं वो अगर ज़ख्म भी दे दे तो गँवारा है मुझे..!!

तड़पता हूँ मैं लैल ओ नहार लम्हा भर वो भी तड़पती होगी दुआओं में वो भी ख़ुदा से कोई फ़रियाद तो करती होगी मेरे जितना ना करे ना सही पर याद तो वो भी करती होगी बहुत मशरूफ ही सही वो अपनी उस दुनियाँ में फिर भी तन्हाईयो के कुछ पल वो भी मेरे लिए बर्बाद तो करती होगी..!!

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